इस शृंखला को कैसे पढ़ें
हर जानकारी किस वर्ग की है, यह रंगों और रेखाओं के प्रकार से दिखाया गया है।
- कुलपुराण / पुराण
- जीवित सामुदायिक परंपरा
- लिखित / शिलालेखीय / सांख्यिकीय प्रमाण
- जिसकी पुष्टि बाकी है
अध्याय
- 1. पद्मशाली कौन हैं?कुल-परंपरा, बुनाई, नाम — परिचय
- 2. भावना ऋषि और पद्मशाली परंपरामार्कंडेय, भावना ऋषि, गोत्र परंपरा
- 3. उत्पत्ति से जुड़ी पौराणिक परंपराकुलपुराण क्या कहता है और उसकी सीमाएँ
- 4. कमल, पद्म और बुनाई परंपराकमल-तंतु, “शाली” शब्द, बुनकर-नाम
- 5. प्राचीन निवास-क्षेत्र और प्रवासआंध्र से अन्य क्षेत्रों की ओर
- 6. आंध्र, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडुराज्य-वार फैलाव और वर्गीकरण
- 7. बुनाई उद्योग और सामाजिक योगदानहथकरघा, रेशम, व्यापार, कांचीपुरम
- 8. राजवंशों के काल में पद्मशालीचोल, काकतीय, विजयनगर
- 9. मंदिर, धर्म और संस्कृतिदेवता, संस्कार, संस्कृति
- 10. सामाजिक संरचना, गोत्र, शाखाएँगोत्र, घराने का नाम, उप-शाखाएँ
- 11. शाप से जुड़ी परंपरा — अलग खंडपारंपरिक कथा और शोधकर्ताओं का दृष्टिकोण
- 12. औपनिवेशिक काल और दस्तावेज़थर्स्टन 1909 सहित दस्तावेज़
- 13. आधुनिक काल के पद्मशालीआज का वर्गीकरण, व्यवसाय, उपलब्धियाँ पाने वाले लोग
- 14. विश्व भर में समुदाय का फैलावसंगठन और विदेशों में फैलाव
- 15. उपसंहारसार, खुले प्रश्न, आगे के कार्य
सहायक पृष्ठ
- बड़ों से पूछने योग्य प्रश्नपारिवारिक परंपराओं को दर्ज करने की मार्गदर्शिका, 34 प्रश्नों के साथ
- संदर्भ ग्रंथ और स्रोतउपयोग किए गए स्रोत, उनका वर्ग, जाँच की स्थिति, लिंक
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