अध्याय (15)
- पद्मशाली कौन हैं?
- भावना ऋषि और पद्मशाली परंपरा
- उत्पत्ति से जुड़ी पौराणिक परंपरा
- कमल, पद्म और बुनाई परंपरा
- प्राचीन निवास-क्षेत्र और प्रवास
- आंध्र, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु
- बुनाई उद्योग और सामाजिक योगदान
- राजवंशों के काल में पद्मशाली
- मंदिर, धर्म और संस्कृति
- सामाजिक संरचना, गोत्र, शाखाएँ
- शाप से जुड़ी परंपरा — अलग खंड
- औपनिवेशिक काल और दस्तावेज़
- आधुनिक काल के पद्मशाली
- विश्व भर में समुदाय का फैलाव
- उपसंहार
कमल, पद्म और बुनाई परंपरा
पद्मशाली नाम में दो शब्द हैं: पद्म और शाली। पहले शब्द का अर्थ स्पष्ट है; दूसरे शब्द की व्याख्या के कुछ तरीके हैं। यह अध्याय अलग-अलग दिखाता है कि क्या ज्ञात है, क्या परंपरा है और क्या अभी शोध का विषय है।
- पुराण / कुलपुराण
- जीवित सामुदायिक परंपरा
- लिखित प्रमाण
- जिसकी पुष्टि बाकी है
पद्म — कमल
पद्म का अर्थ है कमल। हिंदू परंपरा में कमल पवित्रता, दिव्यता और सृष्टि का प्रतीक माना जाता है। पद्मशाली कुलपुराण इस प्रतीक को बुनाई से जोड़ता है।
कमल-तंतु का कपड़ा — क्या यह सचमुच होता है?
कमल की डंडी के रेशे से धागा निकालकर कपड़ा बुनना आज भी मौजूद एक हस्तकला है। परंतु उसके अभिलेख दूसरे स्थानों से आते हैं।
शाली — बुनकर
“शाली” शब्द को समुदाय बुनकर के अर्थ में लेता है। तेलुगु बुनकर समुदायों के नामों में भी यह शब्द मिलता है।
दक्षिण भारत की बुनाई परंपराएँ एक-दूसरे के साथ
पद्मशाली कोई अकेला खड़ा समुदाय नहीं है; दक्षिण भारत में कई बुनकर समुदाय और नाम हैं। उनके साथ संबंध को इस साइट को सम्मान के साथ प्रस्तुत करना चाहिए।
- अभिलेख है कि साले / सालिया तेलुगु बुनकरों के नाम हैं।
- आंध्र प्रदेश की पिछड़ा वर्ग सूची में कई बुनकर-नाम हैं; कुछ शोध-लेख स्पष्ट करते हैं कि वे सब पद्मशाली नहीं हैं।
- तमिलनाडु में बुनकर समुदाय कई हैं; हर एक का अपना इतिहास और अपनी परंपरा है।
इस अध्याय का सार
| बात | वर्ग |
|---|---|
| पद्म = कमल | शब्दार्थ |
| भावना ऋषि ने कमल-तंतु से वस्त्र बुना | कुलपुराण |
| कमल-तंतु की बुनाई (इनले झील, मणिपुर) | लिखित प्रमाण (दक्षिण भारत का अभिलेख नहीं) |
| साले, सालिया, जुलाय नाम | लिखित प्रमाण |
| “शाली” शब्द की व्युत्पत्ति | जिसकी पुष्टि बाकी है |
| आज की बुनाई और वस्त्र-व्यापार | जीवित परंपरा |
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5. पद्मशालियों का प्राचीन निवास-क्षेत्र और प्रवास — आंध्र क्षेत्रों से अन्य स्थानों की ओर प्रवास के बारे में क्या ज्ञात है और क्या नहीं, यह हम देखेंगे।
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